पूरी तरह से विज्ञान की पृष्ठभूमि से जुड़े हुए दर्पण साह की परवरिश पहाड़ों की नैसर्गिक ख़ूबसूरती के बीच हुई। होटल मैनेजमेंट के इस विद्यार्थी ने लिखना बहुत ही देर से साल 2008 में दिल्ली आने पर ब्लॉग लिखने से शुरू किया। प्राची के पार, पैलाग व बैरंग जैसे ब्लॉग उनके द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। समय-समय पर इनके लेख एवं कविताएँ ‘समालोचन’, ‘पाखी’ जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं एवं अन्य अख़बारों में प्रकाशित होती रही हैं।