ख़ुद को एक ‘काहिल कहानीकार’ कहने वाली विजयश्री तनवीर ने उत्तरप्रदेश में जन्म लिया, दिल्ली में अपने को संशोधित किया और बंगाल से लिखना सीखा। एक वक़्त तक ख़बर-नवीस रहीं मगर मन न रमा। भटकते मन ने क़िस्सागोई में आराम पाया। कविताओं की एक किताब ‘तपती रेत पर’ हिंदी अकादमी से छोटी उम्र में ही प्रकाशित हो गई लेकिन साल 2018 में शाया हुई दूसरी किताब ‘अनुपमा गाँगुली का चौथा प्यार’ से कहानियों की दुनिया में पहचान मिली।
2022 में ‘सिस्टर लिसा की रान पर रुकी हुई रात’ आई और साहित्य जगत में विजयश्री स्थापित हो गईं। कहानी ‘गाँठ’ के लिए ‘हंस कथा सम्मान’ पाया। अपने कथा कौशल के लिए 2023 का ‘सविता कथा सम्मान’ भी मिला। अब साल 2024 में छत्तीसगढ़ से ‘कृष्ण चन्दर कथा सम्मान’ की घोषणा भी हो चुकी है।