संजय व्यास

संजय व्यास
MANAGEMENT SKILL
85%
BUSINESS SKILL
85%
MARKETING SKILL
85%

संजय व्यास इधर-उधर रोज़ होती, आकार लेती कहानियों के गद्यकार हैं।  पर इनकी कहानियाँ अपनी एनॉटमी में मुकम्मल कहानियाँ नहीं हैं। और अगर इन्हें शब्दचित्र मानें, तो उनसे कुछ अधिक आगे अपने को प्रकट करती हैं। विधाओं की तोड़-फोड़ के दौर में इनके लिए  गद्य कहानियाँ कहना अधिक ठीक प्रतीत होगा। वैसे एक पाठक के लिए किसी तरह के विधा-वर्गीकरण का क्या ही मतलब हो सकता है? उसके लिए सामग्री की सार्थकता और आस्वाद ही महत्वपूर्ण है। 

फ़िलहाल जोधपुर में रहते हैं और काम के लिए रेडियो के दफ़्तर जाते हैं।