बचपन से गीत-संगीत और जंगल वाली दुनिया से गहरा लगाव रखने वाली उजला लोहिया का जन्म 22 फ़रवरी 1970 को जयपुर, राजस्थान में हुआ। हिंदी, समाजशास्त्र और संगीत में बैचलर के बाद मास्टर्स डिग्री के लिए संगीत (सितार) चुना।
उनके लेखन में संगीत, साहित्य, जंगल की त्रिवेणी है। हंस, वनमाली, कथादेश, दोआबा, हिंदी नेस्ट, साहित्य परिक्रमा, पोषमपा आदि पत्रिकाओं में उनकी कहानियाँ, यात्रा-वृत्तांत, संस्मरण, कविताएँ और आलेख प्रकाशित होते रहे हैं। वर्ष 2023 में हंस में छपी उनकी कहानी ‘पीली दीवार वाला नरक’ चर्चा में रही।
कहानी ‘बेंच पर टिकी पीठ’ साहित्य समर्था से विशिष्ट कहानी के लिए पुरस्कृत हुई। संगीत और साहित्य के सुरों को साधते हुए वह गीतकार के रूप में भी काम कर रही हैं। हिंद युग्म से प्रकाशित ‘आँकुरी-बाँकुरी’ उनका प्रथम कहानी-संग्रह है। सभी विधाओं में उनका लेखन जारी है।