आलोक आज़ाद

आलोक आज़ाद
MANAGEMENT SKILL
85%
BUSINESS SKILL
85%
MARKETING SKILL
85%

उत्तरप्रदेश के ग़ाज़ीपुर ज़िले के एक छोटे-से गाँव जखनियाँ से ताल्लुक़ रखने वाले आलोक आज़ाद अपनी कविताओं के लिए जेएनयू में ख़ूब चर्चित हैं।

गाँव में प्रारंभिक से स्नातक तक की शिक्षा-दीक्षा के बाद उन्होंने जेएनयू का रुख़ किया। कुछ समय शारदा विश्वविद्यालय में बतौर फ़ैकल्टी अध्यापन का कार्य किया।

अपनी बेबाकी के लिए जाने वाले आलोक आज़ाद की कविताएँ ‘हिंदवी’, ‘पोषम पा’, ‘हिंदीनामा’, ‘बहुमत’, ‘कविताएँ और साहित्य’, ‘साहित्यनामा’, ‘कवितामंच’ जैसे आभासी पटलों पर पढ़ी जा सकती हैं।

फ़िलहाल आलोक जेएनयू से पोस्ट डॉक्टोरल फ़ेलो हैं। कुछ कविताएँ मराठी भाषा में अनूदित हुई हैं। अपने पहले कविता-संग्रह ‘दमन के ख़िलाफ़’ (खामा प्रकाशन) ने उन्हें कई पाठकों तक पहुँचाया। हाल ही में उनकी नई किताब ‘ईश्वर के बच्चे’ (हिन्द युग्म प्रकाशन) प्रकाशित हुई है।