हिंद युग्म उत्सव दो-दिवसीय कला और साहित्य का उत्सव है, जिसका आयोजन हर साल एक नए शहर में किया जाता है। यह भाषा का उत्सव है, जिसमें साहित्य, संस्कृति और सिनेमा का अनोखा संगम होता है। इस अवसर पर भारतीय भाषाओं, उनमें हो रहे लेखन और नए प्रयोगों, साहित्य की वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की कल्पना, सिनेमा में भाषा का योगदान, आलोचना और भाषा–सिनेमा से जुड़े विविध पहलुओं पर देशभर के दिग्गजों के बीच गहन बातचीत होती है। साथ ही सिनेमा और साहित्य से जुड़े कई नामचीन सितारे अपनी प्रस्तुति से महफ़िल सजाते हैं।
हिंदी में अपनी मज़बूत जगह बनाने के साथ–साथ युवाओं में सबसे लोकप्रिय प्रकाशन हिंद युग्म, हिंदी के नए रूप का स्वागत करते हुए हर साल अपने पाठकों के लिए कला–साहित्य के सेवादारों का यह वार्षिक जमावड़ा करता है। यह आयोजन अपने पाठकों और प्रेमियों की तलाश में नगर–नगर घूमता है। हर साल हिंदी पाठकों का प्रेम इसे एक नए शहर तक खींच लाता है। इसका उद्देश्य कला–साहित्य–संस्कृति को नगर–नगर, डगर–डगर पहुँचाना और अलग–अलग शहरों के पाठक वर्ग, कला व साहित्य प्रेमियों से सीधे संवाद करना है। साथ ही नए लोगों का ध्यान किताबों की ओर खींचना और उनमें रुचि पैदा करना ही इसकी सफलता का राज़ है।
इस सालाना आयोजन में विभिन्न भारतीय भाषाओं में काम करने वाले कवि–लेखक, पत्रकार, अभिनेता, चित्रकार, कलाकार, विषय–विशेषज्ञ, फ़िल्म व ऑडियो–इंडस्ट्री से जुड़े रचनाकार और इंडस्ट्री–एक्सपर्ट शामिल होते हैं। दो दिनों के अलग–अलग सत्रों में हर साल 100 से अधिक वक्ता/कलाकार भाग लेते हैं और हज़ारों युवा, पुस्तक–प्रेमी और कला–प्रेमी इसमें पूरे उत्साह से शामिल होते हैं।
इस उत्सव की शुरुआत 2022 में राजस्थान के बाड़मेर से हुई थी (15–16 अक्टूबर 2022)। इसके बाद 2023 में इसका दूसरा संस्करण उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी (30 सितंबर–1 अक्टूबर 2023) में आयोजित हुआ। तीसरा संस्करण 2024 में भोपाल (19–20 अक्टूबर 2024) पहुँचा, जहाँ इसे अभूतपूर्व सराहना मिली।
अब 2025 में, उत्सव अपने चौथे संस्करण के लिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुँच रहा है।
यह संस्करण विशेष है क्योंकि यह हिंदी के महान कथाकार और कवि विनोद कुमार शुक्ल को समर्पित है। उनके लेखन, जीवन और विरासत के इर्द-गिर्द कई सत्र और प्रस्तुतियाँ होंगी। साथ ही, उन्हें छह महीनों में 30 लाख रुपये की ऐतिहासिक रॉयल्टी प्राप्त होने की घटना भी इस उत्सव का प्रमुख आकर्षण होगी — जो हिंदी साहित्य में अब तक का अनूठा रिकॉर्ड है।