भारत-पाक सीमा के पास बसे एक छोटे-से गाँव ताणु में जन्मे में डॉ. फतेह सिंह भाटी इस वक़्त महात्मा गाँधी अस्पताल में सीनियर प्रोफ़ेसर एवं अधीक्षक हैं। वह अपनी कहानियों और उपन्यासों के लिए पाठकों के बीच ख़ूब सराहे जाते हैं।
उनकी प्रकाशित पुस्तकों में ‘पसरती ठंड’ (कहानी-संग्रह) ‘उमादे’ (उपन्यास) ‘कोटड़ी वाला धोरा’ (उपन्यास), ‘21 श्रेष्ठ युवामन की कहानियाँ, राजस्थान’ (साझा कहानी-संग्रह) ‘रेड लाइट एरिया’ (कहानी-संग्रह) और मूमल महेंद्रा (उपन्यास) शामिल है।
उन्हें अब तक कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं जिनमें हास्य-व्यंग्य विधा के लिए ‘मीरा भाषा सम्मान’, ‘पंडित विष्णुप्रसाद चतुर्वेदी राष्ट्रीय कथाकार सम्मान’, ‘सर्व भाषा साहित्यकार सम्मान’, ‘सर्वोत्कृष्ट कृति साहित्य सम्मान’, अखिल भारतीय ‘शिक्षाविद पृथ्वीनाथ भान साहित्य सम्मान’ अखिल राजस्थान ‘आचार्य लक्ष्मीकांत जोशी सम्मान’ और भाषा एवं पुस्तकालय विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा ‘हिन्दी सेवा पुरस्कार’ प्रमुख है।