डॉ. आनंद कुमार कश्यप बहमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्तित्व हैं। ये निरंतर लक्ष्य सिद्धी के लिए संघर्ष कर वर्तमान में सहायक प्राध्यापक के पद पर चयनित हुए हैं। अपने उपन्यास ‘गांधी चौक’ में एक ओर आनंद ने जहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान संघर्षरत प्रतियोगियों की घुटन, संत्रास एवं असफलता के आँसुओं को शब्द देने का प्रयास किया है, तो वहीं दूसरी ओर सफलता के बाद आने वाली परेशानियों का भी उल्लेख किया है।