उत्तरप्रदेश के फ़िरोज़ाबाद ज़िले से ताल्लुक़ रखने वाले मुंतज़िर फ़िरोज़ाबादी का अस्ल नाम अनंत भारद्वाज है। अपनी शुरुआती तालीम पूरी करके मेरठ शहर से B.Tech. की और जालंधर शहर से M.Tech की डिग्री ले चुके हैं। परिवार के लोग चाहते थे कि प्रसाशनिक सेवा में जाएँ लेकिन इनका दिलो-दिमाग़ अदब के अलावा कहीं लगा ही नहीं। वर्तमान में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफ़ेसर हैं।
शायरी करते हैं और कभी-कभी मुशायरों एवं कवि-सम्मेलनों में शिरकत भी। क्लासिक शायरों पर रिसर्च करना इनका शौक़ भी है और ज़ौक़ भी। जौन एलिया साहब को अपनी ज़िंदगी में वह अदद जगह देते हैं कि उनकी सुब्ह जौन के शे’र से होती है। कहीं-कहीं वह जौन को अपनी शायरी में भी ले आते हैं, मसलन— ‘हमको है इश्क़ उससे जो है जौन एलिया, यानी कि आपके कोई क़ाबिल न होंगे हम’।