अंजली मिश्रा ने बायोलॉजी से बीएससी करने के बाद वकालत की पढ़ाई की है। छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और मुंबई का वर्णन आपको इनके पहले उपन्यास ‘अनुमिता’ में मिलेगा। इन स्थानों से इनका किसी न किसी रूप में गहरा जुड़ाव रहा है।
इनका छोटा-सा परिवार है जिसमें इनके पति और एक बेटी है। इस्पात नगरी, भिलाई में पली-बढ़ी हैं जिसके कारण इनके इरादों में मज़बूती है।
अंजली फ़ेसबुक पर काफ़ी सक्रिय हैं। कुछ समाचार-पत्रों और कुछ किताबों के लिए आलेख लिखे हैं। राजनीति और समसामयिक विषयों पर बेबाकी से अपने विचार प्रकट करती रही हैं।