अंकिता जैन

अंकिता जैन
MANAGEMENT SKILL
85%
BUSINESS SKILL
85%
MARKETING SKILL
85%

अंकिता जैन एक रिसर्च एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफ़ेसर से लेखिका बनीं। जिनकी पहली किताब ‘ऐसी वैसी औरत’ जागरण नीलसन बेस्ट सेलर रह चुकी है। उनकी अन्य पुस्तकें ‘मैं से माँ तक’, ‘बहेलिए’, एवं ‘ओ रे! किसान’, उपन्यास ‘मुहल्ला सलीमबाग़’ एवं बाल उपन्यास ‘आतंकी मोर’ को भी सराहा जा रहा है।

भारत के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा उनकी पुस्तक ‘ओह रे! किसान’ के लिए मेदिनी पुरस्कार 2020-21 से सम्मानित किया गया। नवंबर 2021 में यूनिसेफ़ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘युवा स्पीक्स’ में छत्तीसगढ़ के सात सफल युवाओं में सम्मिलित किया गया। जिसमें अंकिता ने प्रदेश के युवाओं को संबोधित किया।

अंकिता ने प्रभात ख़बर और द लल्लनटॉप में लोकप्रिय कॉलम ‘मा-इन-मेकिंग’ लिखा है। एनबीटी गोल्ड, इंडिया टुडे, अहा ज़िंदगी, आई चौक में लेख लिखने के अलावा और पत्रिका अख़बार में संपादकीय लिख चुकी हैं। उनकी कहानियाँ बिग एफएम के शो ‘यादों का इडियट बॉक्स’ और ‘यूपी की कहानी’ में दो वर्षों तक प्रसारित हुईं।

अंकिता एग्रो मेन्युफेक्चरिंग फ़र्म ‘वैदिक वाटिका’ की डायरेक्टर हैं एवं ‘जय जंगल फ़ार्मस प्रोड्यूसर कंपनी’ की फ़ाउंडिंग मेंबर।

लेखन एवं खेती के साथ-साथ अंकिता आर्ट एंड क्राफ़्ट के माध्यम से हैंडमेड गिफ़्टस का कार्य भी करती हैं एवं ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की कोशिश कर रही हैं।