बाबुषा कोहली

बाबुषा कोहली
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बाबुषा कोहली (जन्म : 6 फ़रवरी 1979, कटनी) इन दिनों केन्द्रीय विद्यालय, जबलपुर में कार्यरत। पहला कविता-संग्रह ‘प्रेम गिलहरी दिल अखरोट’ (2014) भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित व पुरस्कृत। गद्य-कविता-संग्रह ‘बावन चिट्ठियाँ’ (2018 ) रज़ा पुस्तक माला के अंतर्गत राजकमल से प्रकाशित व वागीश्वरी पुरस्कार से सम्मानित। कथेतर गद्य ‘भाप के घर में शीशे की लड़की’ (2021) रुख़ पब्लिकेशन्स से प्रकाशित। कविता-संग्रह ‘तट से नहीं…पानी से बँधती है नाव’ (2021) हिन्द युग्म से प्रकाशित।

कविता-संग्रह ‘उस लड़की का नाम ब्रह्मलता है’ (2023) रुख़ पब्लिकेशन्स से प्रकाशित। डायरी ‘मिज़राब’ (2023) आवाज़घर से प्रकाशित। ऑटम पब्लिकेशन्स, पटियाला द्वारा ‘भाप के घर में शीशे की लड़की’ का पंजाबी अनुवाद प्रकाशित। वर्णमुद्रा प्रकाशन, शेगाँव द्वारा पहले कविता-संग्रह ‘प्रेम गिलहरी दिल अखरोट’ का ‘ईश्वर मला गुणगुणतो दीप रागासारखा’ शीर्षक से मराठी अनुवाद प्रकाशित। कैलिबर पब्लिकेशन, पटियाला द्वारा ‘उदास कुड़ी दा हासा’ शीर्षक से प्रतिनिधि कविताओं का पंजाबी अनुवाद प्रकाशित।

मराठी, बांग्ला, तेलुगू, पंजाबी, गुजराती, उर्दू, संस्कृत, उड़िया, मैथिली, नेपाली, स्पैनिश, फ़्रेंच तथा अंग्रेज़ी में कविताएँ अनूदित। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ व गद्य प्रकाशित। इसके अलावा दो लघु फ़िल्मों ‘जंतर’ तथा ‘उसकी चिट्ठियाँ’ का निर्माण व निर्देशन। रसूडॉक्स सिनेमा, जबलपुर द्वारा कहानी ‘हमीं अस्तो’ पर लघु फ़िल्म का निर्माण भी किया।