भारतीय विदेश सेवा के भूतपूर्व अधिकारी जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने राजनीति विज्ञान से एमए और एलएलबी करने के बाद 1981 में सेवा प्रारंभ की। सेवा काल के दौरान वे ज़ाम्बिया तथा मालदीव में भारतीय उच्चायोगों और हंगरी, स्वीडन, वेनेज़ुएला, ओमान तथा ब्राज़ील में भारतीय दूतावासों में पदस्थ रहे।
ज़िम्बाब्वे में भारत के राजदूत पद से सन् 2014 में सेवानिवृत्त होने के बाद से ग्रेटर नोएडा में निवास। हिंदी, अँग्रेज़ी, उर्दू तथा स्पेनिश भाषाओं की जानकारी। संप्रति विभिन्न पत्रिकाओं में हिंदी-अँग्रेज़ी में अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर लेखन तथा अनेक टीवी न्यूज़ चैनलों पर तत्संबंधी परिचर्चा में सहभागिता।
उर्दू ग़ज़लों की एक पुस्तक ‘इंतज़ार है अब तक’ पहले ही प्रकाशित। ‘दर्द का रिश्ता’ दूसरी प्रस्तुति।