किशोर चौधरी हिंदी के लोकप्रिय कहानीकार हैं। हिंदी साहित्य के विद्यार्थी रहे इस कहानीकार ने कुछ समाचार पत्रों में काम किया और उसके बाद से आकाशवाणी के कार्यक्रम अनुभाग में उद्घोषक के रूप में कार्यरत हैं। तकनीक के इस दौर में ऑनलाइन स्टोर्स पर हिंदी पुस्तकों की प्री-बुकिंग का सिलसिला किशोर के कहानी-संग्रह ‘चौराहे पर सीढ़ियाँ’ से आरंभ हुआ। वर्ष 2012 में आया यह कहानी-संग्रह हिंदी पाठकों द्वारा ख़ूब सराहा गया था। इस कहानी-संग्रह का पहला संस्करण पचास दिन में ही बिक गया था। इस संग्रह ने हिंदी साहित्य में पाठकों की कमी होने की धारणा को नकार दिया था। इस कहानी-संग्रह का पाँचवाँ संस्करण आ चुका है।
किशोर चौधरी की अब तक छह पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं, जिनमें चार कहानी-संग्रह, एक यात्रा और संस्मरण का संग्रह और एक कविता-संग्रह हैं। किशोर चौधरी की कहानियाँ जीवन की कठोर अनुभूतियों और रिश्तों के बंजरपन में बची हुई आशा की कहानियाँ हैं। किशोर अपनी भाषा और शैली के कारण पाठकों के चहेते हैं।