लेखिका पूनम पूर्णाश्री हिंदी में स्नातक और संस्कृत में स्नातकोत्तर हैं। ‘अथ स्त्री उवाच’ इनकी दूसरी किताब है जो स्त्री जीवन पर आधारित लघु कहानियों का संग्रह है। पूनम पूर्णाश्री की पहली पुस्तक ‘अंतराल’ है जिसे स्टोरी मिरर पब्लिकेशन हाउस ने प्रकाशित किया है।
यह पुस्तक इनके बचपन का संस्मरण है जो जेनरेशन गैप को अपना आधार बनाती है। पूनम के लिए लिखना और पढ़ना जैसे उनकी साँस और आस है। पर्यावरण से इन्हें बहुत लगाव है, पर्यावरण में हो रहे बदलाव इन्हें बहुत बेचैन करते हैं। अगर यह लेखिका न होतीं तो पर्यावरणविद अवश्य होतीं। हालाँकि अपने लेखन के ज़रिये वह पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों को लोगों तक पहुँचाने का प्रयास करती रहती हैं।